绅士的品格
印度与伊朗签署长期港口协议,打通南北走廊最后一环!_我的网站

A | नई दिल्ली। एलिमनी और दहेज को लेकर सोशल मीडिया में आए दिन डिबेट होती है। यूजर्स अक्सर यही कहते हैं कि अगर दहेज लेना गलत है, तो एलिमनी लेना भी सही नहीं है। हालांकि दहेज लेना गैरकानूनी है, वहीं एलिमनी कानूनी तौर पर अधिकार माना जाता है।,लोगों के मन में अक्सर ये कन्फ्यूजन रहती है कि एलिमनी केवल महिलाओं को ही अधिकार देता है। पुरुषों को ऐसा कोई अधिकार नहीं मिला है, लेकिन ये पूरी तरह से गलत है। आइए जानते हैं कि इसे लेकर कानून क्या कहता है। भारत में हिंदू विवाह अधिनियम 1995 की धारा 24 और 25 के तहत ये कहा गया है कि तलाक के दौरान पति या पत्नी दोनों में से कोई भी कोर्ट से एलिमनी के पैसे को लेकर अनुरोध कर सकता है।,इसका अर्थ हुआ कि इस नियम के दौरान किसी भी तरह का लिंग निरपेक्ष नहीं किया गया है। इसका अर्थ ये भी हुआ कि सिर्फ महिलाएं नहीं, पुरुष भी एलिमनी के पैसे की मांग कर सकते हैं। अगर पति कोर्ट में ये प्रूफ कर दें कि वे आर्थिक रूप से कमजोर है और उसकी पत्नी ज्यादा सक्षम है तो उसे एलिमनी के पैसे मिल सकते हैं। पहले के जमाने में बहुत कम महिलाएं ही आर्थिक रूप से सक्षम थी। वे घर परिवार को संभालने का काम करती थी। लेकिन समय के साथ महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम बनी। वहीं कई जगह उच्च पद हासिल किया।,इसलिए उसे समय तलाक के दौरान ज्यादातर महिलाएं ही पति से एलिमनी की मांग रखती थी। ताकि उन्हें आर्थिक रूप से किसी तरह की परेशानी न हो। अब लेकिन महिलाएं भी उतनी ही सक्षम है, जितने पुरुष। इसलिए एलिमनी को लेकर आए दिन मुद्दा छिड़ता है। ,यह भी पढ़ें- पहले सोशल मीडिया पर पति को दिया तलाक, अब रैपर से की सगाई; कौन हैं दुबई की खूबसूरत शहजादी?。

B |

C |

D |
Current article:http://www.zuanniangwandangliaolinechu.sbs/news/20260826_8583.pptx
Published on:11:25:27
